Wednesday , February 25 2026
ताज़ा खबर
होम / देश / दिल्ली की राजनीति को एक और झटका, BJP के पूर्व अध्यक्ष मांगे राम का निधन

दिल्ली की राजनीति को एक और झटका, BJP के पूर्व अध्यक्ष मांगे राम का निधन

शनिवार को दिल्ली की तीन बार की मुख्यमंत्री रह चुकीं शीला दीक्षित के निधन के बाद रविवार को दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष, विधायक और वरिष्ठ संघ सहयोगी मांगे राम गर्ग का निधन हो गया. वो बीमार थे और उत्तरी दिल्ली के एक्शन बालाजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. रविवार की सुबह 7.30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. मांगे राम गर्ग 83 वर्ष के थे. निधन की सूचना मिलते ही अस्पताल में उनके रिश्तेदारों और जानकारों का तांता लग गया. मांगे राम गर्ग का नाम बीजेपी और संघ के बड़े नेताओं में लिया जाता है.

अंतिम दर्शन के लिए उनका पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान (बी-1/64, अशोक  विहार, फेज-2) पर रखा गया है. यहां 11.30 बजे तक उनके पार्थिव शरीर को रखा  जाएगा. इसके बाद दोपहर 12:00 से 1:00 बजे तक दिल्ली स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय पर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी.  बीजेपी प्रदेश कार्यालय से उनका पार्थिव शरीर देह दान के लिए 1:00 बजे हॉस्पिटल के लिए ले जाया जाएगा.

बता दें कि सोमवार (15 जुलाई ) को शाम करीब 6 बजे मांगे राम गर्ग ब्रेन की शिकायत पर एक्शन बालाजी हॉस्पिटल लाया गया था. डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की काफी कोशिश की लेकिन असफल रहे. गर्ग ने अपना देहदान कर रखा था इसलिए दधीचि देहदान समिति के माध्यम से उनके पार्थिव शरीर को एम्स या किसी बड़े अस्पताल में भेजा जाएगा.

हरियाणा के कुराड़ गांव में हुआ जन्म

मांगे राम गर्ग का जन्म 23 नवंबर 1936 को हरियाणा के नरवाना तहसील के कुराड़ गांव में हुआ था. उनका परिवार नागरमल था, जिन्हें चौधरी का खिताब भी मिला था लेकिन समय की मार ने सट्टे में सबकुछ छीन लिया. और महज 14 साल की उम्र में जीविका के लिए उन्हें घर से निकलना पड़ा. अपने मामा के साथ काम करते हुए वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और फिर अपनी लगन और मेहनत से कई जिम्मेदारियों का सफलता पूर्वक निर्वाहन किया.

वीएचपी से भी जुड़े मांगे राम गर्ग

वे देशभर में तीर्थ यात्रियों-तीर्थ स्थलों की विकास के लिए काम करने वाली वीएचपी की इकाई धर्मयात्रा महासंघ के वे राष्ट्रीय अध्यक्ष और हरिद्वार की प्रसिद्ध धर्मशाला निष्काम सेवा ट्रष्ट के वे महामंत्री रहे. बहुत काम ही लोग जानते होंगे कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सरकारी आर्थिक सहायता और यात्रियों के अभिनंदन की शुरुआत उनकी के प्रयासों का परिणाम है. यही नहीं दिल्ली सरकार द्वारा कावड़ सेवा शिविर लगवाने में भी उनकी विशेष भूमिका थी.

‘सेवा का सच’ नाम से लिखी किताब

देश में कहीं भी प्राकृतिक आपदा आती तो संघ और संघठन उन्हें ही याद करता था. महज चंद घंटों में वे मदद का सामान तैयार कर आपदा स्थल पर जाने के लिए भिजवा देते थे. पार्टी के लिए धन संग्रह करने में वे माहिर थे. बीजेपी की आजीवन सहयोग निधि के मांगे राम गर्ग राष्ट्रीय संयोजक रहे. उनकी पुस्तक ‘सेवा का सच’ उनके संघर्ष और सेवा भाव की मिसाल है जिसका विमोचन तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने आवास पर अपने हाथों किया था. मांगे राम गर्ग का समस्त परिवार ही संघ से जुड़ा रहा है. उनका निधन बीजेपी और संघ के लिए के बड़ी क्षति है.

BJP ने जीतीं दिल्ली की सातों सीट

मांगे राम गर्ग दिल्ली प्रदेश बीजेपी के दो बार प्रदेश अध्यक्ष और वजीरपुर से विधायक भी रह चुके हैं. उनके अध्यक्ष रहते हुए बीजेपी दिल्ली की सातों सीटों पर विजई हुई थी. बूथ और समिति प्रबंधन की दिशा में मांगे राम गर्ग का योगदान संघ और संघठन में एक प्रेरणा की तरह है. वर्तमान में देशभर में बीजेपी के कार्यालय निर्माण की जिम्मेदारी उन्हें के पास थी.

बता दें कि किसी समय में हलवाई रहे मांगे राम ने 2003 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में पहली बार जीत दर्ज की थी और विधायक बने थे. लोकसभा चुनाव 2019 में दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के खिलाफ बीजेपी को मजबूत करने के लिए मांगे राम गर्ग को अहम जिम्मेदारी दी गई थी. उन्हें सामाजिक और स्वयंसेवी संगठनों से संपर्क करके उन तक नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों व पार्टी की नीतियों को पहुंचाने के लिए बनाई गई समिति में शामिल किया गया था.

डायरी लिखने के शौकीन थे गर्ग

मांगे राम गर्ग उन नेताओं में से थे जिन्होंने देर से राजनीति में कदम रखा. वो बीजेपी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष रहे. उन्हें डायरी लिखने का शौक था. विधायक रहते हुए वो रोज डायरी लिखा करते थे. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक वो अपनी राजनीतिक बैठकों के बारे में भी लिखा करते थे. जैसे..’आज  मैं करोल बाग के पार्टी कार्यकर्ताओं से मिला, मिनी-रथ यात्रा शुरू की, जो विफल रही हैं और स्थानीय पार्टी में हर वरिष्ठ सदस्य को हाशिए पर डाल दिया  है.’ बताया जाता है कि मांगे राम गर्ग में चुनाव जीतने की अद्भुत कला थी. वो राजनीतिक जीवन में बहुत कम गलतियां करते थे. उन्होंने दिल्ली में एमसीडी चुनाव का नेतृत्व किया था और जीत भी दिलाई थी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)