लोकसभा चुनाव की लड़ाई के दौरान कई ऐसे मौके आए जब नेताओं ने अपना पाला बदल लिया है. अब जब लड़ाई राजधानी दिल्ली में पहुंची है तो यहां पर भी कुछ ऐसा ही हुआ है. दिल्ली की गांधीनगर विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक अनिल वाजपेई आज भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. 12 मई को होने वाले मतदान से पहले AAP के लिए इसे एक बड़ा झटका माना जा रहा है.
अनिल वाजपेई गांधीनगर से विधायक हैं और वह बीते कई दिनों से चल रही गठबंधन की कोशिशों और उम्मीदवारी को लेकर पार्टी से नाराज थे. अब मतदान से पूर्व उन्होंने पार्टी को त्यागने का फैसला कर लिया. दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों पर 12 मई को एक साथ मतदान होना है.
आपको बता दें कि बीते कुछ दिनों से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया लगातार भारतीय जनता पार्टी पर उनके विधायकों को खरीदने की कोशिश का आरोप लगाते रहे हैं. ऐसे में अब अचानक एक विधायक का पार्टी छोड़ चले जाना एक नए विवाद को जन्म दे सकता है.
आम आदमी पार्टी की तरफ से आरोप लगाया जा रहा है कि बीजेपी आम आदमी पार्टी के विधायकों को 10-10 करोड़ का ऑफर देकर खरीदने की कोशिश कर रही है. AAP लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर आरोप लगा रही है.
शुक्रवार को भी अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘मोदी जी, आप हर विपक्षी पार्टी के राज्य में MLA खरीद कर सरकारें गिराओगे? क्या यही आपकी जनतंत्र की परिभाषा है? और इतने MLA ख़रीदने के लिए इतना पैसा कहां से लाते हो? आप लोग पहले भी कई बार हमारे MLA ख़रीदने की कोशिश कर चुके हो. AAP वालों को ख़रीदना आसान नहीं’.
दिल्ली में इस बार लड़ाई त्रिकोणीय लड़ी जा रही है. एक तरफ आम आदमी पार्टी है जो लगातार कांग्रेस से गठबंधन की कोशिश करती रही है, लेकिन कांग्रेस ने उसकी शर्तों को नहीं माना और सातों सीट पर अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतार दिया. वहीं बीजेपी ने भी कुछ सांसदों को दोबारा मौका दिया था और कुछ स्टारों को मौका दिया है.
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