
नई दिल्ली। मसूद अज़हर को यूएन द्वारा ग्लोबल आतंकी घोषित करने के बाद रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मोदी सरकार के अथक प्रयासों के बाद आखिरकार मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी के रूप में मान्यता मिली है. इसमें समय लगा है और हम जानते हैं कि ऐसा क्यों हुआ है.
वहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को डर है कि अगर वे इस कूटनीतिक जीत का जश्न मनाने में शामिल नहीं होते हैं, तो वे राजनीतिक रूप से हार जाएंगे. उन्होंने कहा कि इसी वजह से वह कहते हैं कि हमने सर्जिकल स्ट्राइक की थी, वे अदृश्य सर्जिकल स्ट्राइक थे. जब हम बालाकोट में एयर स्ट्राइक करते हैं तो वह उस पर संदेह करते हैं.
वित्त मंत्री ने कहा कल जो संयुक्त राष्ट्र संघ में हुआ वो भारत और भारतीय कूटनीति की बड़ी विजय है. कई दशकों से भारत मसूद अजहर के निशाने पर था, कई आतंकी वारदातों में उसका और उसके संगठन का हाथ होता था.
दुनिया के कई देश काफी समय से प्रयास कर रहे थे कि मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किया जाए. लेकिन चीन इसका विरोध करता था. पर अंतरराष्ट्रीय दबाव और भारतीय कूटनीति के प्रभाव की वजह से वो रुकावट भी हट गई.
जेटली ने कहा कि जब देश जीतता है तो हर भारतवासी जीतता है लेकिन दुर्भाग्य इस बात का है कि विपक्ष के मित्रों को लगता है कि इस जीत में वो अगर शामिल हो गए तो इसकी राजनीतिक कीमत उन्हें देनी पड़ेगी
वित्त मंत्री ने कहा कि जिस प्रयास में देश 10 वर्षों से था उसमें हम सफल हुए तो वे प्रतिक्रिया देते हैं कि ये तो तुच्छ है, इसमें बड़ा क्या है. पहले देश की परम्परा थी कि विदेश नीति और सुरक्षा नीति में देश एक आवाज में बोलता था, उस परम्परा को तोडऩे का पिछले कुछ समय से प्रयास हुआ है, ये दुर्भाग्यपूर्ण है.
जेटली ने कहा कि पहले मैंने इससे पहले के चुनावों में कांग्रेस को मंदिर में जाते नहीं देखा पर अब 2019 में वह भी चुनावी हिंदू बन गए हैं. कांग्रेस संस्थाओं को बर्बाद करती है और उन्हें धमकाने का प्रयास करती है.
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