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विजया बैंक और देना बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय से ग्राहकों की बल्ले-बल्ले

नई दिल्ली
विजया बैंक और देना बैंक के बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) में विलय के साथ ही एक अप्रैल को BOB देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन गया। सार्वजनिक क्षेत्र का भारतीय स्टेट बैंक (SBI) देश का सबसे बड़ा बैंक है, जबकि निजी क्षेत्र का एचडीएफसी बैंक दूसरे स्थान पर और अब बैंक ऑफ बड़ौदा तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन गया है।

बैंक ऑफ बड़ौदा का बैलेंस शीट 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो गया है, जिसका डिपॉजिट 8.75 लाख करोड़ और अडवांस (कर्ज) 6.25 लाख करोड़ रुपये का है। कुल मिलाकर इस बैंक के पास 12 करोड़ ग्राहक, 85,000 कर्मचारी, 9,500 से अधिक शाखाएं और 13,400 एटीएम हो गए हैं। इस विलय के साथ भारत में सरकारी बैंकों की संख्या घटकर 18 रह गई है।

सबसे बड़ी बात यह है कि तीनों बैंकों के विलय का ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा। उन्हें इसका फायदा होगा या नुकसान यह जानना जरूरी है। आइए हम इसे विस्तार से समझते हैं।

देना बैंक के ग्राहकों को तत्काल फायदा
विजया बैंक और देना बैंक के बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय का ग्राहकों को फायदा होगा। सबसे पहले देना बैंक के ग्राहकों की बात करें, तो उन्हें अब तत्काल लोन मिलना शुरू हो जाएगा। पिछले कई महीनों से देना बैंक आरबीआई के प्रॉप्ट करेक्टिव ऐक्शन के दायरे में था, जिसके कारण इसके ग्राहकों को लोन नहीं मिल पा रहा था।

वैश्विक उपस्थिति का फायदा
अब देना बैंक और विजया बैंक दोनों ही बैंकों के ग्राहक बैंक ऑफ बड़ौदा की वैश्विक स्तर पर 101 कार्यालयों की उपस्थिति का फायदा उठा सकेंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि किसी एक बैंक की कोई खास योजना का लाभ अब अन्य दोनों बैंक के ग्राहक भी उठा सकेंगे। उदाहरण के लिए, बैंक ऑफ बड़ौदा और देना बैंक के ग्राहक अब प्लांटेशन फाइनैंसिंग और एसआरटीओ फंडिंग जैसी विजया बैंक की एक्सक्लूसिव स्कीमों का फायदा उठा सकेंगे।

उत्पादों की रेंज बढ़ी
कुल मिलाकर तीनों बैंकों के पास उत्पादों की बेहद व्यापक रेंज हो गई है। बैंक ऑफ बड़ौदा के सीईओ पी. एस. जयकुमार ने कहा, ‘प्रौद्योगिकी में किया गया भारी-भरकम निवेश तथा एनालिटिक्स ऐंड एआई और टेक्नॉलजी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का कस्टमर बेस को व्यापक फायदा होने जा रहा है।’

शेयरधारक भी फायदे में 
समझौते के मुताबिक, विजया बैंक के शेयरधारकों को 1,000 शेयरों के बदले बैंक ऑफ बड़ौदा के 402 शेयर मिले हैं। वहीं, देना बैंक के शेयरधारकों को 1000 शेयर के बदले बैंक ऑफ बड़ौदा के 110 शेयर मिले हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस विलय के कारण दक्षता बढ़ने से ग्राहक सेवा को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। यह ग्राहकों तथा बैंकों दोनों के लिए ही फायदे का सौदा है।

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