भोपाल
मध्य प्रदेश में कुदरत के दो अलग–अलग रंग एक साथ देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और उमस ने नागरिकों को बेहाल कर रखा है, वहीं दूसरी ओर बेमौसम बारिश और कड़कती बिजली मानसून जैसा अहसास करा रही है। राजधानी भोपाल में धूप–छांव के साथ गर्मी का सितम जारी है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई है।
रविवार शाम साढ़े पांच बजे तक सागर में 8.0 एमएम, दमोह में 6.0 एमएम और श्योपुर में 3.0 एमएम बारिश हुई। वहीं सुबह साढ़े आठ बजे तक नर्मदापुरम में सर्वाधिक 16.2 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई। जबलपुर, उमरिया, गुना और रायसेन जैसे शहरों में भी हल्की से मध्यम बौछारें गिरीं, जिससे वातावरण में नमी घुल गई है।
गर्मी का भी सितम जारी
बारिश के बावजूद सूर्य देव के तेवर नरम नहीं पड़ रहे हैं। रायसेन 44.0 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में पारा 37 से 44 डिग्री के बीच झूल रहा है, जबकि पूर्वी हिस्सों में यह 38 से 41.2 डिग्री तक है।
क्यों बदला मौसम?
मौसम विज्ञानी ने बताया कि वर्तमान में पूर्व मध्य प्रदेश के ऊपर 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। साथ ही पंजाब से नागालैंड तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जो हरियाणा, बिहार और झारखंड होते हुए जा रही है। इसी सिस्टम के कारण अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है।
सावधान: इन जिलों में अलर्ट
- ऑरेंज अलर्ट: शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर और दमोह में तेज आंधी और भारी बारिश की संभावना है।
- येलो अलर्ट: भोपाल, ग्वालियर, रीवा, सागर, इंदौर संभाग के कई जिलों सहित कुल 33 जिलों में गरज–चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान
|
शहर |
अधिकतम |
न्यूनतम |
|
भोपाल |
40.4 |
22.4 |
|
इंदौर |
39.7 |
25.7 |
|
ग्वालियर |
39.6 |
24.9 |
|
जबलपुर |
39.2 |
20.8 |
Dainik Aam Sabha