तेहरान
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के जनरल ने कहा है कि जब तक युद्ध जारी रहेगा, ईरानी सेना होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिका और इजरायल के सहयोगी देशों को एक लीटर तेल भी निर्यात नहीं करने देगी। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जनरल अली मोहम्मद नैनी ने कहा, “ईरानी सेना… अगली सूचना तक इस इलाके से दुश्मन देश और उसके सहयोगियों को एक लीटर तेल भी निर्यात नहीं करने देगी।
तेल और गैस की कीमतों को कम करने और कंट्रोल करने की उनकी कोशिश सफल नहीं होगी।" जनरल ने कहा कि दुनिया में तेल की कीमतों पर कंट्रोल अब ईरान के हाथ में है और अमेरिका को इंतजार करना पड़ेगा कि ईरान आगे क्या कदम उठाता है। अधिकारी के मुताबिक एनर्जी मार्केट पहले से ही अस्थिर हो चुका है और ईरान तब तक लड़ाई जारी रखेगा जब तक अमेरिका की ओर से हार का ऐलान नहीं हो जाता।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का बहुत अहम समुद्री रास्ता है। हर साल दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। जनरल के मुताबिक, “अमेरिका का दावा है कि कमर्शियल और मिलिट्री जहाज इस इलाके में मौजूद हैं और होर्मुज स्ट्रेट से आसानी से गुजर रहे हैं, जबकि अमेरिकी नौसेना के जहाज, विमान और सभी फाइटर जेट ईरान की ताकतवर मिसाइलों और ड्रोन से सुरक्षित रहने के लिए 1,000 किलोमीटर से ज्यादा पीछे हट गए हैं।”
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने ये भी दावा किया है कि उसने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने को भी निशाने पर लिया है। आईआरजीसी के जनसंपर्क कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इरबिल में हरिर एयर बेस पर अमेरिकी सेना के मुख्यालय को लक्ष्य बनाकर मिसाइलें दागी गईं। इस सैन्य ठिकाने पर कुल पांच मिसाइलें दागी गईं। हालांकि इस हमले से हुए नुकसान या हताहतों के बारे में अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
Dainik Aam Sabha