इस्लामाबाद
पाकिस्तानी मेन्स क्रिकेट टीम को जल्द ही नया टेस्ट कोच मिलने जा रहा है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) चाहता है कि अगली टेस्ट सीरीज से पहले स्थायी कोच की नियुक्ति कर दिया जाए, ताकि लंबे समय की योजना पर काम शुरू हो सके. पीसीबी ने हेड कोच पद के लिए पूर्व कप्तान सरफराज अहमद को औपचारिक प्रस्ताव दिया है. पीसीबी उनके जवाब का इंतजार कर रहा है।
सरफराज अहमद इस जिम्मेदारी को स्वीकार करते हैं, तो वह ऐसे समय में कमान संभालेंगे जब पाकिस्तानी टीम निरंतर बदलाव और अस्थिरता के दौर से गुजर रही है. पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान के टेस्ट कोचिंग सेटअप में स्थिरता की कमी रही है. वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के मौजूदा चक्र में पाकिस्तानी टीम को स्पष्ट रणनीति, सही सेलेक्शन प्रोसेस और मजबूत नेतृत्व की जरूरत है।
सरफराज अहमद की सबसे बड़ी ताकत उनकी नेतृत्व शैली मानी जाती है. उन्हें एक ऐसे कप्तान के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने पाकिस्तानी ड्रेसिंग रूम में ऊर्जा और एकजुटता बनाए रखी. पाकिस्तान क्रिकेट में अक्सर प्रतिभा की कमी नहीं होती, लेकिन निरंतरता और संरचना की चुनौती रहती है. पीसीबी को उम्मीद है कि 38 साल के सरफराज इन दोनों पहलुओं में संतुलन ला सकते हैं।
राष्ट्रीय टीम से बाहर होने के बाद भी सरफराज अहमद सिस्टम से जुड़े रहे. उन्होंने पाकिस्तान शाहीन्स और अंडर-19 स्तर पर मेंटर की भूमिका निभाई है. वह खिलाड़ियों की मानसिकता और टीम के प्रेशर पॉइंट्स को करीब से जानते हैं. अगर सरफराज प्रस्ताव स्वीकार करते हैं, तो उनकी कोचिंग इनिंग्स की शुरुआत मई में बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज से हो सकती है. बांग्लादेश की घरेलू परिस्थितियां स्पिनर्स के मुफीद मानी जाती है. ऐसे में नए कोच के सामने शुरुआत से ही बड़ी चुनौती होगी।
…जब पाकिस्तानी टीम ने जीती चैम्पियंस ट्रॉफी
सरफराज अहमद ने पाकिस्तानी टीम के लिए तीन फॉर्मेट को मिलाकर कुल 232 मुकाबले खेले, जिसमें उन्होंने 34.24 के एवरेज से 6164 रन बनाए. सरफराज ने अपनी कप्तानी में पाकिस्तान को आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2017 का खिताब दिलाया था।
अब देखना यह होगा कि क्या वह अपनी कोचिंग में टेस्ट टीम को सफलता दिला पाते हैं या नहीं. फिलहाल सबकी नजर सरफराज के फैसले पर टिकी हैं. यदि वह हां कहते हैं, तो पाकिस्तानी टेस्ट क्रिकेट में एक नए अध्याय की शुरुआत तय मानी जाएगी।
Dainik Aam Sabha