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शिवलिंग स्थापना से पहले जान लें ये दिशा नियम, एक गलती भी कर सकती है पूजा निष्फल

वैदिक पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। इस दिन महादेव के संग मां पार्वती की पूजा-अर्चना करने का विधान है और विशेष चीजों के द्वारा शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन विधिपूर्वक शिवलिंग का अभिषेक करने से घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

अगर आप महाशिवरात्रि के दिन घर में शिवलिंग करने की सोच रहे हैं, तो इससे पहले वास्तु के नियम जरूर जान लें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की शुभ दिशा में शिवलिंग स्थापित करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है और महादेव की कृपा प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं कि शिवलिंग स्थापित करने के वास्तु नियम।

इन बातों का रखें ध्यान

शिवलिंग स्थापित करते समय ध्यान रखें कि शिवलिंग का जलाधारी मुख हमेशा उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए, क्योंकि इस दिशा को सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। जलाधारी का मुख पश्चिम, दक्षिण या पूर्व दिशा में न रखें।

शिवलिंग पूजन करते समय आपका मुख उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, पूर्व दिशा की ओर मुख करके पूजा करना शुभ माना जाता है

धार्मिक मान्यता के अनुसार, घर की शुभ दिशा में शिवलिंग विराजमान करने से महादेव प्रसन्न होते हैं और साधक के बिगड़े काम पूरे होते हैं। साथ ही शिव जी की कृपा से सभी मुरादें पूरी होती हैं।

शिवलिंग की स्थापना विधि

    सुबह स्नान करने के बाद चौकी पर लाल या सफेद कपड़ा बिछाएं।
    तांबे या पीतल की थाली में शिवलिंग को रखें।
    गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक करें।
    ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करें।
    इसके बाद चंदन का त्रिपुंड लगाएं
    अक्षत, जनेऊ और कलावा अर्पित करें।
    देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें।
    शिव चालीसा का पाठ करें।
    फल और मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाएं।

शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं?

    मानसिक शांति की प्राप्ति के लिए शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
    महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करने से साधक को सभी पापों से मुक्ति मिलती है।
    जीवन में खुशियों के आगमन के लिए शिवलिंग का देशी से अभिषेक करना शुभ माना जाता है। इससे शिव जी प्रसन्न होते हैं।
    सुख-समृद्धि में वृद्धि के लिए शिवलिंग का शक्कर से अभिषेक करना चाहिए।