नई दिल्ली
दिल्ली सरकार ने एक और चुनावी वादे को पूरा करने का फैसला ले लिया है। राजधानी में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के रसोई गैस उपभोक्ताओं को अब साल में दो मुफ्त सिलेंडर की सौगात मिलेगी। होली और दिवाली के समय सरकार एलपीजी सिलेंडर का पैसा बैंक खाते में भेजेगी। दिल्ली सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक के दौरान इस प्रस्ताव को पास किया। योजना को लागू करने के लिए 300 करोड़ रुपये का बजट आवंटन किया गया है।
पिछले साल दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने संकल्प पत्र में एलपीजी सिलेंडर को लेकर दो वादे किए थे। होली और दिवाली में दो मुफ्त सिलेंडर देने के अलावा गरीबों को 500 रुपये में सिलेंडर उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। सरकार ने अभी साल में दो मुफ्त सिलेंडर देने से जुड़ा प्रस्ताव ही पास किया है। 500 रुपये में सिलेंडर देने का फैसला बाद में अलग से लिया जाएगा।
इस होली से हो जाएगी शुरुआत
एक साल का शासन पूरा होने से पहले रेखा गुप्ता सरकार ने साल में दो मुफ्त सिलेंडर देने की शुरुआत का फैसला किया है। लाभार्थियों को पहले सिलेंडर का पैसा मार्च में होली से पहले भेजने की तैयारी है।
किन्हें मिलेगा यह पैसा
दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एचटी को बताया कि इस योजना का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के राशनकार्डधारकों को मिलेगा। सरकार ने मौजूदा राशन कार्ड डेटाबेस के जरिए योग्य लाभार्थियों की पहचान की है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली ढांचे के तहत 'गरीब' के रूप में वर्गीकृत परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। इन परिवारों को होली से पहले सिलेंडर रिफील की कीमत भेजी जाएगी। अभी दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 850 रुपये है।
आधार से जुड़े बैंक अकाउंट में आएगा पैसा
अधिकारी ने बताया कि योजना के तहत सिलेंडर का बंटवारा नहीं होगा, बल्कि इसे खरीदने लायक पैसे ही अकाउंट में भेजे जाएंगे। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सिलेंडर का पैसा आधार से लिंक बैंक खातों में भेजा जाएगा। लाभार्थी इन पैसों का इस्तेमाल एलपीजी सिलेंडर खरीदने के लिए कर पाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि वितरण में पारदर्शिता के लिए डीबीटी के इस्तेमाल का फैसला लिया गया है।
लाभार्थियों की सूची और टाइमलाइन बनाने का आदेश
संबंधित विभागों को ऑपरेशनल गाइडलाइंस, लाभार्थियों की सूची और फंड ट्रांसफर के लिए टाइमलाइन तैयार करने को कहा गया है। अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम के सुचारू रूप से लागू करने के लिए एलपीजी वितरकों और बैंकिंग पार्टनर्स के साथ समन्वय किया जा रहा है। विभागों को लाभार्थियों का सत्यापन और डीबीटी (डेटाबेस सत्यापन) प्रक्रिया पूरी करने का काम सौंपा गया है, जिसके बाद ही धनराशि जारी की जाएगी।
Dainik Aam Sabha