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महू में वंदे भारत ट्रेनों के मेंटेनेंस के लिए कवर्ड शेड बनेगा, फंड स्वीकृत

इंदौर 
 देशभर मे लग्जरी रेलयात्रा की पहचान बनी वंदे भारत ट्रेन अब मेंटेनेंस के दौरान आराम फरमा सकेंगी. इंदौर के महू मे इसके लिए कवर्ड शेड तैयार होगा. देश के विभिन्न इलाकों में फरवरी 2019 से शुरू की गई वंदे भारत सेवा से जुड़ी ट्रेनों को भी अब मेंटेनेंस की दरकार है. भारत के विभिन्न शहरों से करीब 164 वंदे भारत ट्रेन चेयर कार और एग्जीक्यूटिव क्लास का रेलवे सफर उपलब्ध करवा रही हैं.

वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी

अब रेल मंत्रालय की कोशिश है कि देश में 2030 तक 800 और 2047 तक करीब 2400 ट्रेन चलाई जा सकें. इसके लिए वंदे भारत के नेटवर्क और सेटअप को लगातार विकसित किया जा रहा है. इसी क्रम में अब मेंटेनेंस के लिए वंदे भारत ट्रेन के लिए कवर्ड शेड भी तैयार किया जा रहे हैं. हाल ही में इसे इंदौर के लिए भी स्वीकृत किया गया है, जो इसी साल इंदौर के महू में बनकर तैयार होगा. रेलवे के मुताबिक महू को वंदे भारत ट्रेन का मेंटेनेंस हब बनाने की तैयारी है.

महू में बनेगा वंदे भारत ट्रेनों का शेड

महू में तैयार किए जा रहे कवर्ड शेड में वंदे भारत ट्रेन की निर्धारित यात्रा के बाद सतत रूप से मेंटेनेंस और रखरखाव किया जा सकेगा. इंदौर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया "महू में 64.50 करोड़ की लागत से 2 फीट लाइन और आधुनिक शेड बनाए जाने हैं, जिनकी स्वीकृति मिल गई है. इन्हीं शेड से भविष्य में वंदे भारत ट्रेनों का संचालन हो सकेगा. फिलहाल इंदौर से नागपुर के लिए वंदे भारत ट्रेन का संचालन होता है."

इंदौर से बड़े शहरों को वंदे भारत चलाने की मांग

इंदौर से पुणे, दिल्ली, मुंबई, हावड़ा के लिए भी स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलने की मांग की जा रही है. माना जा रहा है कि वंदे भारत के लिए शेड तैयार हो जाने से इंदौर से नागपुर ही नहीं, अन्य स्थानों के लिए भी वंदे भारत ट्रेन शुरू करने में आसानी रहेगी.

इस मामले में रेलवे के विशेषज्ञ नागेश नाम जोशी ने बताया "वंदे भारत का मेंटेनेंस ज्यादा सुविधाजनक तब रहेगा, जहां जहां से उसे चलाया जा रहा है, वहीं इसकी व्यवस्था हो. इसलिए महू में वंदे भारत हब तैयार हो रहा है, जिसका लाभ भविष्य में इंदौर समेत आसपास के इलाकों को मिलेगा."