वास्तु में हाथी की मूर्तियों का क्या महत्व है? जानिये कैसे हाथी देता है शुभ परिणाम – वास्तु शास्त्र में जानवरों की मूर्तियों और तस्वीरों का अपना एक खास महत्व होता है। इनमें हाथी को बेहद शुभ और शक्तिशाली माना गया है। प्राचीन काल से ही हाथी को सौभाग्य, शक्ति, ज्ञान, स्थिरता और राजसी ठाट-बाट का प्रतीक माना जाता रहा है। वास्तु के अनुसार, घर या दफ्तर में हाथी की मूर्ति रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और कई तरह के शुभ परिणाम मिलते हैं।
वास्तु में हाथी का महत्व
समृद्धि और धन का प्रतीक: हाथी को देवी लक्ष्मी का वाहन माना जाता है। इसलिए घर में हाथी की मूर्ति, खासकर चांदी या पीतल की मूर्ति रखना धन और समृद्धि को आकर्षित करता है। इसे घर की उत्तर दिशा में रखने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
शक्ति और स्थिरता: हाथी अपनी विशालता और दृढ़ता के लिए जाना जाता है। इसकी मूर्ति घर में स्थिरता और शक्ति प्रदान करती है। यह परिवार के सदस्यों के बीच मजबूत रिश्ते बनाने में मदद करता है। इसे कार्यस्थल पर रखने से कार्यक्षमता और नेतृत्व क्षमता बढ़ती है।
ज्ञान और बुद्धि: सफेद हाथी को ज्ञान और बुद्धि का प्रतीक माना गया है। छात्रों या शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपनी स्टडी टेबल पर सफेद हाथी की छोटी मूर्ति रखनी चाहिए। इससे एकाग्रता बढ़ती है और पढ़ाई में बेहतर परिणाम मिलते हैं।
सौभाग्य और सुरक्षा: घर के मुख्य द्वार पर हाथी के जोड़े की मूर्ति लगाना शुभ माना जाता है। यदि उनकी सूंड ऊपर की ओर उठी हो तो यह सौभाग्य और सफलता का प्रतीक होता है। यह घर को नकारात्मक ऊर्जा से बचाता है और सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करता है।
पति-पत्नी के रिश्ते में मधुरता: बेडरूम में चांदी के हाथी का जोड़ा रखने से पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम और मधुरता आती है। यह उनके बीच के संबंधों को मजबूत करता है और आपसी समझ को बढ़ाता है।
सही दिशा और सामग्री का चुनाव
धातु: चांदी या पीतल के हाथी धन और समृद्धि के लिए उत्तम माने जाते हैं।
लकड़ी: लकड़ी के हाथी शांति और स्थिरता के लिए अच्छे होते हैं।
दिशा-
उत्तर: धन और करियर में वृद्धि।
मुख्य द्वार: सौभाग्य और सुरक्षा।
बेडरूम: दांपत्य जीवन में सुख।
स्टडी रूम: ज्ञान और एकाग्रता।
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