जलालपुर, अंबेडकर नगर
जमीन खरीदने-बेचने से जुड़े लोगों के लिए बड़ी सुविधा प्रदान की है। सरकार ने दाखिल-खारिज (प्रॉपर्टी म्यूटेशन) की पूरी प्रक्रिया को अब ऑनलाइन कर दिया है। पहले यह काम राजस्व विभाग के दफ्तरों में जाकर ही होता था, जहाँ लंबी लाइनें, कई चक्कर और कागजी औपचारिकताओं के कारण आवेदकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब यह पूरा सिस्टम डिजिटलाइजेशन होने से लोग घर बैठे ही जमीन को अपने नाम दर्ज करा सकेंगे।
दाखिल-खारिज वह कानूनी प्रक्रिया है, जिसके तहत किसी व्यक्ति द्वारा खरीदी गई जमीन को सरकारी अभिलेखों में उसके नाम चढ़ाया जाता है। जमीन की खरीद के बाद नामांतरण बेहद जरूरी माना जाता है, क्योंकि इससे ही व्यक्ति को भूमि पर कानूनी स्वामित्व प्राप्त होता है और आगे किसी विवाद या खतौनी से संबंधित कार्य में सुविधा मिलती है।
सरकार ने बताया कि ऑनलाइन दाखिल-खारिज सुविधा शुरू होने के बाद अब न तो किसी को तहसील के चक्कर लगाने होंगे और न ही किसी बिचौलिए पर निर्भर रहना पड़ेगा। आवेदक सरकारी पोर्टल पर जाकर म्यूटेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं, दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं और अपने आवेदन की स्थिति भी रियल टाइम में देख सकते हैं। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी।
राजस्व विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऑनलाइन सिस्टम को प्रभावी रूप से लागू किया गया है और आम जनता को इसके बारे में जागरूक किया जा रहा है। नई व्यवस्था से समय, धन और श्रम-तीनों की बचत होगी और लोगों को तेजी से सेवा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
ऑनलाइन दाखिल-खारिज लागू होने से भूमि संबंधी कार्यों में तेजी आएगी और ग्रामीण तथा शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को बड़ी सुविधा का लाभ मिलेगा। इसके तहत 45 दिन में खारिश दाखिल हो जाएगा और यदि कोई विवाद है तो उसे 90 दिन में निस्तारित कर दिया जाएगा इस संबंध में तहसीलदार गरिमा भार्गव ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन पत्रों को शीघ्रता से निस्तारण किया जा रहा है
Dainik Aam Sabha