खंडवा
महादेवगढ़ मंदिर में मंत्रोच्चार की गूंज के बीच फिर एक मुस्लिम युवती ने घर वापसी करते हुए सनातन पद्धति से विवाह रचाया। शाजिया से शारदा बनी युवती ने हिंदू युवक मयूर के साथ सात फेरे लिए। दोंदवाड़ा निवासी शाजिया ने जब मयूर के गले में वरमाला पहनाई तो हर-हर महादेव के जयकारे लगे। नवविवाहित जोड़े ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक भी किया। इसके बाद भारत माता की आरती की गई।
बचपन से ही सनातन संस्कृति पसंद थी
शाजिया से शारदा बनी युवती ने कहा कि मुझे बचपन से ही सनातन संस्कृति पसंद थी। मैंने किसी के दबाव में नहीं, बल्कि अपने मन से यहां आकर मयूर से विवाह किया। वहीं, मयूर ने कहा कि हम दोनों ने साथ जीने का फैसला किया है। दोनों की रजामंदी के साथ यह विवाह किया। शादी के बाद मंदिर में मौजूद लोगों ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया।
शारदा और मयूर की यह शादी चर्चा का विषय रही। मंदिर में उनके साथ कुछ मित्र थे, जिन्होंने शादी के लिए उनकी मदद की। शादी के बाद दोनों बहुत खुश नजर आए। मयूर और शारदा ने मिलकर एक नए जीवन की शुरुआत की है।
Dainik Aam Sabha