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मप्र में 300 करोड़ रुपये की लागत से 90 मेगावाट का पीवी सोलर प्लांट लगाएगा एस्सार पावर

• एस्सार, दतिया, मप्र में लगाएगा 90 मेगावाट का पीवी सौर ऊर्जा संयंत्र

• संयंत्र में 300 करोड़ रुपये का करेगा निवेश

• पावर पोर्टफोलियो के पुनर्संतुलन के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय

• उच्चतम ईएसजी मानकों के प्रति प्रतिबद्धता

मुंबई : एस्सार ग्लोबल फंड (ईजीएफएल) की निवेश कंपनी एस्सार पावर लिमिटेड के बोर्ड ने मध्य प्रदेश में 90 मेगावॉट पीवी सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए 300 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दे दी है. यह निर्णय अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में कंपनी के प्रवेश को चिह्नित करता है.

नवीकरणीय ऊर्जा में प्रवेश ईजीएफएल के रणनीतिक निर्णय का हिस्सा है, जिसके तहत ये ब्रिटेन में हाइड्रोजन पावर और भारत में कोल एनर्जी में निवेश करने के बाद कोयला ऊर्जा से हरित ऊर्जा की तरफ बढते हुए अपने पावर पोर्टफोलियो को पुन:संतुलित करेगा.

ये फंड अगली दो तिमाहियों में निवेश करने वाली कंपनियों के डिलेवरेजिंग कार्यक्रम को पूरा होता देखेगी. यह 10,000 करोड़ रुपये के शेष ऋण को चुकाने का इरादा रखता है जो कि बड़े पैमाने पर बिजली पोर्टफोलियो में है.

कुश सिंह, सीईओ, एस्सार पावर लि. ने कहा, “ये निर्णय हमारे ऊर्जा पोर्टफोलियो को पुनर्संतुलित करने की रणनीतिक योजना के अनुरूप है. चरणबद्ध तरीके से यह बदलाव कंपनी को 10,000 करोड़ रुपये के मौजूदा स्तर को मौजूदा परिसंपत्तियों के पुनर्गठन और मॉनेटाइजेशन के जरिए 3,000 करोड़ रुपये तक लाने की अनुमति देगा और साथ ही हम आगे भी ग्रीन पोर्टफोलियो में निवेश कर सकेंगे.”

सीबीएम जैसी अपरंपरागत ऊर्जा उत्पादन और हमारी स्टेनलो रिफाइनरी, ब्रिटेन में चल रही हाइड्रोजन जेनरेशन प्रोग्राम जैसे पहल से हासिल की गई शानदार सफलता के मद्देनजर, अक्षय ऊर्जा में एस्सार का प्रवेश कोल सेक्टर से बाहर निकलने में मददगार साबित होगा. इससे ईजीएफएल की ईएसजी मानकों के प्रति प्रतिबद्धता और मजबूत होगी और ये स्थिरता अनुपालन में एक गोल्ड स्टैंडर्ड को चिह्नित करेगा.

श्री सिंह ने कहा, “स्टैनलो रिफाइनरी, यूके में चल रहे हाइड्रोजन जेनरेशन प्रोग्राम के साथ-साथ, हमने अपने निवेश के विकास के नए चरण की ओर कदम बढा दिया है. हमने ये कदम 2030 तक अक्षय ऊर्जा के 450 गीगावाट की स्थापित क्षमता के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को बढ़ावा देने और प्राप्त करने के लिए भारत सरकार की महत्वकांक्षा के अनुरुप उठाया है.”

प्रस्तावित बिजली संयंत्र मध्य भारत के मध्य प्रदेश के दतिया जिले में 105 हेक्टेयर भूमि पर भांडेर में स्थापित होने वाला एक सौर फोटोवोल्टिक परियोजना है और इसे दो भागों में निष्पादित किया जाएगा. पहला हिस्सा 33.7 मेगावाट और दूसरा हिस्सा 56.17 मेगावाट का होगा.

इस संयंत्र से उत्पन्न बिजली को 132 केवी स्तर पर इवैकुएट किया जाएगा और इसे भांडेर 132/33 केवी एमपीपीटीसीएल सबस्टेशन से जोड़ा जाना प्रस्तावित है, जो लगभग 5 किमी की दूरी पर स्थित है और मध्य प्रदेश के भीतर औद्योगिक उपभोक्ताओं को इसकी आपूर्ति की जाएगी. इस परियोजना के जून 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है.

एस्सार पावर की वर्तमान परिचालन क्षमता लगभग 3185 मेगावाट है. ईजीएफएल ने 12,000 करोड़ रुपये की इक्विटी सहित पावर पोर्टफोलियो में लगभग 32,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है. ईजीएफएल ने 465 किमी अंतर्राज्यीय ट्रांसमिशन सिस्टम का निर्माण करके ट्रांसमिशन व्यवसाय में भी निवेश किया है, जो तीन भारतीय राज्यों में फैला हुआ है. कंपनी ने अपना कैपेक्स कार्यक्रम पूरा कर लिया है और यह ऑपरेटिंग परिसंपत्तियों की लाभप्रदता बढ़ाने पर केंद्रित है.

फंड के ऊर्जा पोर्टफोलियो के अन्य दो व्यवसाय भी भारत और यूके में प्रगति पथ पर हैं. एस्सार ऑयल एक्सप्लोरेशन एंड प्रोडक्शन लिमिटेड देश का सबसे बड़ा अपरंपरागत एनर्जी प्लेयर है और खनिज समृद्ध पूर्वी क्षेत्र में कोल बेड मीथेन गैस के एक स्तंभ के रूप में उभरा है.

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